#बैरण बुरा ना समझै मनै…………हाम #दर्द लिया करा , दिया ना करदे जो #
बीत गया उसनै #सोचा ना करदे, जो #मील गया उसनै #खोया ना करदे होगी
भोत #डिग्री थारे धोरे पर…… म्हारे की #ढाल आख्या न ना #पढ़ पाओगे।
अपनी #काबिलियत इतनी बढ़ाओ।…….लोगां न हरान खातर #कोसिस नी #साजिश करनी पढ़े।
#रिस्ता कोए भी हो पर #मज़बूत होना चाहिए।
जो #बादल गर्जन प मेरे चिपट जाया करती थी………..आज वा बादला त भी घनी #गर्जन लागी मेर प
#मौत सबने आवै स , पर #जीना किसे – किसे न आवै स
सोचे जाऊ जो जो बात अपनी होया करदी, वो भी दिखावा था अक साची में #रोया करदी।
#दिल की खामोसी प ना जाइयो………#राख क तले कदे कदे #आग भी मिल ज्याया करै।
उसकै लागी एक खरौच का सारा घाम न बेरा पाट गया, अर म्हारे जखमां की चर्चा तक नी
कुछ तो तेरी नज़र कातिल थी ……अर कुछ हाम बिगड़े होये थे ए
किसे न भी सही कह्या है , जो कीमे ना करदे वे ए भोत कीमे कर जावै है।
गुस्ताखी अर गलती म भोत घना फर्क होया करै।
रास्ता की दुरी कम करते करते मंजिल ए मेर त दूर होगी।
मेरे कड़वे बोल चुबगे तेरे पर मेरा साफ़ दिल नज़र ना आया तने।
र बावली मैं मर लिया तेरी #याद म थोड़ी भोत तू भी मर ले।
मेरे प तो #बोल्या कोनी जाता। बैरन थोड़ी सी #हिम्मत तू ए कर ले।
ना खोलै मेरी किस्मत की किताब न हर उस आदमी न दिल दुखाया स जिस प खुद त घना भरोसा था इतने अमीर तो कोन्या क सब कीमे खरीद ल्या………..पर इतने गरीब भी कोन्या क खुद बिक जावा
क्यूँ भरोसा करा गैरा प।……..जब चलना हमने अपने पैरा प।
आज #छोरियां न नरे फूल बगा बगा क मारे मने भी एक का न ठाया। मखा चुग ले ज्यागी अपने अपने न #यार ना सेट होया करदा।
जो #आदमी सबने #ख़ुशी दिया करा ,उसनै #ख़ुशी अपने आप मिल जाय करै।
बीत गया उसनै #सोचा ना करदे, जो #मील गया उसनै #खोया ना करदे होगी
भोत #डिग्री थारे धोरे पर…… म्हारे की #ढाल आख्या न ना #पढ़ पाओगे।
अपनी #काबिलियत इतनी बढ़ाओ।…….लोगां न हरान खातर #कोसिस नी #साजिश करनी पढ़े।
#रिस्ता कोए भी हो पर #मज़बूत होना चाहिए।
जो #बादल गर्जन प मेरे चिपट जाया करती थी………..आज वा बादला त भी घनी #गर्जन लागी मेर प
#मौत सबने आवै स , पर #जीना किसे – किसे न आवै स
सोचे जाऊ जो जो बात अपनी होया करदी, वो भी दिखावा था अक साची में #रोया करदी।
#दिल की खामोसी प ना जाइयो………#राख क तले कदे कदे #आग भी मिल ज्याया करै।
उसकै लागी एक खरौच का सारा घाम न बेरा पाट गया, अर म्हारे जखमां की चर्चा तक नी
कुछ तो तेरी नज़र कातिल थी ……अर कुछ हाम बिगड़े होये थे ए
किसे न भी सही कह्या है , जो कीमे ना करदे वे ए भोत कीमे कर जावै है।
गुस्ताखी अर गलती म भोत घना फर्क होया करै।
रास्ता की दुरी कम करते करते मंजिल ए मेर त दूर होगी।
मेरे कड़वे बोल चुबगे तेरे पर मेरा साफ़ दिल नज़र ना आया तने।
र बावली मैं मर लिया तेरी #याद म थोड़ी भोत तू भी मर ले।
मेरे प तो #बोल्या कोनी जाता। बैरन थोड़ी सी #हिम्मत तू ए कर ले।
ना खोलै मेरी किस्मत की किताब न हर उस आदमी न दिल दुखाया स जिस प खुद त घना भरोसा था इतने अमीर तो कोन्या क सब कीमे खरीद ल्या………..पर इतने गरीब भी कोन्या क खुद बिक जावा
क्यूँ भरोसा करा गैरा प।……..जब चलना हमने अपने पैरा प।
आज #छोरियां न नरे फूल बगा बगा क मारे मने भी एक का न ठाया। मखा चुग ले ज्यागी अपने अपने न #यार ना सेट होया करदा।
जो #आदमी सबने #ख़ुशी दिया करा ,उसनै #ख़ुशी अपने आप मिल जाय करै।

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