वो जो सर झुकाए बैठे हे, हमारा दिल चुराए बैठे हे, हमने कहा हमारा दिल लौटा दो, वो बोली, हम तो हाथो में मेहँदी लगाये बैठे हे!!
अपनी मुस्कुराहट को जरा काबू में रखिए, दिल-ए-नादान कहीं इस पर शहीद ना हो जाए!!
अपनी मुस्कुराहट को जरा काबू में रखिए, दिल-ए-नादान कहीं इस पर शहीद ना हो जाए!!
तस्वीर बना कर तेरी आसमान पर टांग आया हूँ, और लोग पूछते हैं आज चाँद इतना बेदाग़ कैसे हे!!
धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर, आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे हे!!
सुना है तुम ज़िद्दी बहोत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो!!

ना जाने कैसा रिश्ता है इस दिल का तुमसे, धड़कना भूल सकता है पर तेरा नाम नहीं!!
मोहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं, चमकता सूरज भी ढल जाता है चाँद के लिए!
 मोहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं, चमकता सूरज भी ढल जाता है चाँद के लिए!!
अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार हे!!
बादलों से कह दो अब इतना भी ना बरसे, अगर मुझे उनकी याद आ गई, तो मुकाबला बराबरी का होगा!!
पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय
आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं, जब कभी हम उनके सामने जाते हैं!!
आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें, सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत है!!
हज़ार बार ली है तुमने तलाशी मेरे दिल की, बताओ कुछ मिला है इसमें तुम्हारे सिवा!!
  मिले या ना मिले ये तो और बात है, मैं कोशिश भी ना करूँ, ये तो गलत बात हे!!
मैं ख्वाहिश बन जाऊँ, और तू रूह की तलब, बस यूँ ही जी लेंगे दोनों मुहब्बत बनकर!!
सुना है बारिशो में दुआ क़बूल होती है, अगर हो इज्जाजत तो मांग ले तुम्हे!!
तुम मुझे अच्छे या बुरे नहीं लगते, बस अपने लगते हो!!
करनी है दुआ खुदा से तेरे सिवा कुछ ना मिले, तू मिले तो मिले ज़िन्दगी, वरना कुछ ना मिले!!
लोग आज कल ‪मुझसे‬ मेरी ‪खुशी‬ का ‪राज‬ पूछते है, हो ‪इजाजत‬ तो नाम ‪‎बता‬ दूँ तेरा!!
कुछ पल का साथ दे कर तुमने, पल-पल के लिए अपना मोहताज कर दिया!!
उसके साथ जीने का एक मौका दे दे ऐ खुदा, तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे!!
 पिघल सा जाता हूँ तेरी तस्वीर देख कर, जरा छू कर बताना कहीं में मोम तो नही!!
तुम्हें चलना ही कितना है सनम, बस मेरी धड़कनों से गुजर कर इस दिल में उतरना है!!
मेरी धड़कनों मे तुम धड़कती हो चाहो तो महसूस कर लो!!
ना ये चाँद चाहिए, ना ये फलक चाहिए, मुझे सिर्फ तुम्हारी ये झलक चाहिए!!
 कमी नहीं थी मेरे अपनों की, फिर क्यों वो अजनबी मेरे दिल में बस गया!!
यूँ तो कोई सबूत नहीं है कि तुम मेरे हो, ये दिल का रिश्ता तो सिर्फ यकीन से चलता है!!
कौन कहता है हमशक्ल नहीं होते, देख तेरा दिल मेरे दिल से कितना मिलता है!!
इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना मुझे तुमसे हो गया!!

 मेरी लिखी किताब मेरे हाथों में थमा कर बोली, इसे पढ़ लो मुहब्बत करना सीख जाओगे!!
तेरी चाहत में हम रुस्वा सरे बाजार हो गए, हमने ही दिल खोया और हम ही गुनहगार हो गए!!
इतनी मुहब्बत से क्यूँ निहार रहे हैं हमे, सोच लो खुद के भी नहीं रहोगे!!
मेरे मेहँदी वाले हाथों में तेरा हाथ हो, ये देखकर सारी दुनिया जल के ख़ाक हो!!

 हम तो शायर थे, पर शायरी ही भूल गए इस इश्क़ में!!
इश्क़ है या कुछ और ये तो पता नहीं, पर जो तुमसे है वो किसी और से कहाँ!!
चाहता हूँ तुझे दिल में छिपाना, क्योंकि बहुत बुरा हैं ये जमाना!!
 आँसू हमारी आँखो की क़ैद मे थे, बस तेरी याद आए ओर इन्हे ज़मानत मिल गई!!
तू नाराज़ ना रहा कर हमसे, तुझे वास्ता है उस खुदा का, एक तेरा चेहरा खुश देखकर तो हम अपना गम भुलाते है!!
लोग कहते है की मोहब्बत एक बार होती हैं, लेकिन मे जब-जब उसे देखता हूँ मुझे हर बार होती है!!
दर्द दिलों के कम हो जाते, मैं और तुम गर हम हो जाते!!
 तुमसे मिलके जाना की प्यार क्या होता है, ज़िंदगी जीने का एहसास क्या होता है!!
वो जो दूसरो के लिए दुआ करते हैं, दुआ खुद उसी की खुदा पूरा करता है!!
तेरी यादोँ के ‘नशे’ मेँ, अब ‘चूर’ हो रही हूँ,, लिखती हूँ ‘तुम्हेँ’ और, ‘मशहूर’ हो रही हूँ!!
 आ जाते हैं वो भी रोज ख्वाबो मे, जो कहते हैं हम तो कही जाते ही नही!!

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