हमारी आदत नहीं दिल दुखाने की, हम तो हमेशा प्यार से पेश आते हैं…… बदले हुए अंदाज़ तो आपके है… जो बिना बात किए चले जाते है
कितने बेवफा होता है ये जुगनू भी … रौशनी दिखाकर अंधेरों की तरफ ले जाते हैं

याद आ जाये तो बता देना … मैंने आज भी दिल के दरवाज़े खुले रखे है

कभी आसूं तो कभी खुशी देखी.. हमने अक्सर मजबूरी और बेबसी देखी.. उनकी नाराजगी को हम क्या समझे.. हमने खुद की तकदीर की बेबसी देखी…

कुछ शिकवे ऐसे थे कि खुद ही किये और खुद ही सुने

इतना भी दर्द ना दे ज़िन्दगी , इश्क़ ही किया था कोई क़तल नहीं

मैं तुम्हारी वो याद हूँ जिसे तुम अक्सर भूल जाते हो

उनका इलज़ाम लगाने का अंदाज़ इतना बेहतरीन था कि हमने खुद ही अपने खिलाफ गवाही दे दी

वो शख्स मेरे हर किस्से कहानी में आया … जो मेरा हिस्सा होकर भी मेरे हिस्से ना आया

सारी दुनिया को छोड़ तुझे अपना बनाया था , करोगे सदियों तक याद कि किसी ने दिल लगाया था

तेरा हाथ पकड़ कर तुझे रोक लेते अगर तुझ पर थोड़ा सा ज़ोर होता मेरा , ना रोते हम यूँ तेरे लिए अगर हमारी ज़िन्दगी में कोई और होता 

माना तुम लफ़्हज़ों के बादशाह हो पर हम भी ख़ामोशियों पर राज़ करते हैं

सितारों से सज़ी रात होगी जब सज़ी उसकी बारात होगी, यही सोच कर जागता हूँ रातों को, किसी गैर की बाँहों में मेरी क़ायनात होगी….. 




तेरे ज़ुलम तय है और हमारी बर्दाश्त ज़ाहिर है , तुम अपने फन में माहिर हो… हम अपने फन में माहिर है 


मेरी मोहब्बत आधी रह गयी, पर उसका Timepass पूरा हो गया… 

मैं तुम पर अपनी जान भी ….लुटा दूँ……..तुम मुझ से …….मुझ जैसी मोहब्बत तो करो..

चलो मान लिया मुझे मोहब्बत करनी नहीं आती , मगर ये तो बताओ तुम्हें दिल तोड़ना किसने सिखाया

देख तेरा दिया हुआ गुलाब कैसा रंग लाया है…. जो सज ना सका डोली पर तेरी …. आज मेरे जनाजे पे काम आया है..

कोई बनता ही नही मेरा …… तुम अपनी ही मिसाल ले लो…

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