जिसकी वजह त सारा देश चैन की साँस सोया करै।
वो फौजी होया करै।
नींद उड़ गी या बात सोच कै , हामने के करा देश खातर
आज फेर सरहद प खून बहा मेरी नींद खातर।
दूध मांगोगे तो खीर देवांगे
कश्मीर मांगेंगे तो लाहौर भी खोस लेवांगे।
या तो मै तिरंगा गाड़ कै आऊंगा
या फेर तिरंगा मै लिपट कै आऊंगा।
जो खतरा त लड़ा करे वो खिलाडी होया करै
पर जो गर्दन कटे बाद भी दुश्मन न मारा करै वो फौजी होया करै
वो ज़िन्दगी ए के जिसमे देश भक्ति ना हो।
अर वा मौत ए के जो तिरंगे म ना लिपटी हो।
आपा चैन त सो पावा
इसलिए वो चैन त सो गया।
वो एक फौजी था।
जो आज फेर शहीद होग्या।
काँप उठ गया वो विशाल पर्वत
जब फौजी न दहाड़ लगाई।
आसान कोनी फौजी बनना
दूसरा की खुशियां खातर मरना पड़ा करै।
जिक्र अगर हीरो का होगा।
तो नाम भारत के वीरों का होगा।
बाज़ी लगा दयाँगे आपनी जान की
जब बात चलेगी म्हारे हिन्दुस्तान की।
वा छोरी खुशकिस्मत होया करै
जिसका पति फौजी होया करै।
आसान कोनी फौजी कहलाना
रगो में जज्बातां की जगा लोह भरना पड़ा करै।
देश के लोगां की खुशिया खातर एक फौजी खुद की खुशियाँ न छोड़ दिया करै।

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