• मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ 

शिव की बनी रहे आप पर छाया,
पलट दे जो आपकी किस्मत की काया ।
मिले आपको वो सब अपनी जिंदगी में
जो कभी किसी ने भी न पाया ।
शिव की ज्योति से नूर मिलता है,
सबके दिलों को सुरुर मिलता है,
जो भी जाता है भोले के द्वार
उसको कुछ न कुछ जरूर मिलता है ।
कृपा जिनकी मेरे ऊपर,
तेवर भी उन्हीं का वरदान है ।
शान से जीना सिखाया जिसने,
महाकाल उनका नाम है ।
ना गिन के दिया ना तोल के दिया,
मेरे महादेव ने जिसे भी भी दिया,
दिल खोल कर दिया ।
कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी,
मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है ।
फैली है जो सुगंध हवा में ।
जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
दिखावे की मोहब्बत से दूर रहता हूँ,
इसलिये मैं महाकाल के नशे में चूर रहता हूँ ।
तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ,
तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ,
तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये,
क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ,
भस्म से होता जिनका श्रृंगार
मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम ।
लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ
ऐ महादेव एक तेरा ही दर है, जहा कभी ताना नहीं मिला ।
आग लगे उस जवानी को जिसमें महाकाल नाम की दिवानगी न हो ।
महाकाल से ज्यादा प्यार न कोई मुझे कर सकता है, और न मैं किसी से कर सकता हूँ ।
चल रहा हूँ धूप में तो महाकाल तेरी छाया है ।
शरण है तेरी सच्ची बाकी तो सब मोह माया है ।
हत्यार की जरूरत नहीं पड़ेगी साहब,
बस महाकाल बोलती है स्वाह हो जायेगा ~ जय महाकाल
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा ।
हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।
आता हूँ महाकाल तेरे दर पे, अपना शिर्ष झुकाने को;
100 जन्म भी कम है भोले, अहेसान तेरा चुकाने को ।
खौफ फैला देना नाम का, कोई पुछे तो कह देना, भक्त लौट आया है महाकाल का ।
महाकाल कि महेफिल में बैठा किजिये साहब ।
बादशाहत का अंदाज खुद ब खुद आ जायेगा ।
जब भी मैं अपने बुरे हालातो से घबराता हूँ,
तब मेरे महाकाल की आवाज आती है, रूक मैं अभी आता हूँ ।
हे महाकाल, मेरे गुनाहों को माफ कर देना क्योंकि,
मैं जिस माहौल में रहेता हूँ, उसका नाम है “Duniya”
हम महादेव के दिवाने है, तान के सीना चलते है ।
ये महादेव का जंगल है, जहाँ शेर करते दंगल है ।
लगाके दौलत में आग, हमने ये शौक पाला है,
कोई पुछे तो कह देना कि, ये पागल महाकाल का दिवाना है ।

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